शर्मिला जालान का आलेख 'जवाहर गोयल : एक मर्मज्ञ कवि का अविस्मरणीय रचना संसार'
जवाहर गोयल साहित्य का संसार व्यापक है। इस संसार में एक साथ तमाम लोग लिख रहे होते हैं। कुछ रचनाकार जीते जी वह ख्याति अर्जित कर लेते हैं जो स्वप्न सरीखा होता है तो दूसरी तरफ कुछ ऐसे भी रचनाकार होते हैं जो बेहतर लिखने के बावजूद गुमनामी की चादर में खोए रहते हैं। ऐसा ही एक नाम है जवाहर गोयल का। हालांकि जवाहर गोयल ने मूल रूप से इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई की, लेकिन उनकी अभिरुचि साहित्य में थी। उन्होंने कई विधाओं में लेखन किया। इस क्रम में उन्होंने कहानी, संस्मरण, कला समीक्षा और कविताएँ लिखीं, चित्र बनाए, लेकिन वे खुद को प्रमुख रूप से कवि ही मानते थे। आज 30 जुलाई को मर्मज्ञ कवि और समर्थ गद्यकार श्री जवाहर गोयल जी की जयंती है। इस अवसर पर उनके व्यक्तित्व और साहित्यिक अवदान पर शर्मिला जालान ने एक परिचयात्मक आलेख लिखा है। कम चर्चित रचनाकारों को रेखांकित करने और प्रकाश में लाने का सराहनीय कार्य शर्मिला ने किया है। आइए आज पहली बार पर हम पढ़ते हैं शर्मिला जालान का आलेख 'जवाहर गोयल : एक मर्मज्ञ कवि का अविस्मरणीय रचना संसार'। स्मृति : जवाहर गोयल (जन्म : 30 जुला...