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आदित्य की कविताएं

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आदित्य दुनिया की कोई भी तकनीक मनुष्य के लिए सुविधाएं ले कर आती है। लेकिन विडम्बना यह है कि आम आदमी इस तकनीक के उपयोग से प्रायः वंचित रहते हैं। रेल ने कष्टप्रद यात्राओं के दौर को खत्म कर आम आदमी के जीवन को सुविधाजनक बना दिया। इस क्रम में छोटी दूरी की रेल आम जन के लिए वरदान ही साबित हुई जिस पर टिकट वाले तो चढ़ते ही थे, वे भी इसका फायदा उठा लेते थे जो टिकट लेने की सामर्थ्य से वंचित होते थे। लोकल ट्रेन का वह सफर कई मायनों में जीवन के सफर के विविध आयाम को समेटे हुए होता। इसके कई शेड्स कहानियों और कविताओं में करीने से दर्ज किए गए। आदित्य की कविता 'बरहजिया' रेल के उस रोचक सफर को दर्ज करती है 'जिसके बारे किंवदन्तियाँ थीं/  कहीं भी रुक सकती थी, जिस पर कोई भी सवार हो सकता था/ टिकट बेटिकट।' आदित्य ने अपने अलग शिल्प के जरिए ध्यान आकृष्ट किया है। उनके यहां कोई बनावटीपन नहीं है बल्कि जीवन का वह राग है जिसका स्वर मद्धिम करने के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। यह दुनिया केवल सुविधाभोगियों के लिए ही नहीं है बल्कि उनकी भी है जो जीवन के लिए रोजाना एक जंग लड़ते हैं। आइए आज पहली बार पर हम पढ़ते...

आदित्य की कहानी 'लेटरबॉक्स'

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  आदित्य हर दौर अपने आप में बदलाव की बयार लिए होता है। कभी ये बदलाव प्रत्यक्ष तौर पर दिखाई पड़ते हैं तो कभी अप्रत्यक्ष तौर पर कुछ इस तरह घटित होते रहते हैं कि हम उनकी आहट तक नहीं सुन पाते। लेकिन रचनाकार की खूबी यही होती है कि वह न केवल इन बदलावों की पहचान करता है बल्कि उसे अपनी रचनाओं में दर्ज भी करता है। यह समय ऐसे ही कई एक बदलावों का दौर है, जिसके बारे में पहले कभी हम सोच भी नहीं सकते थे। 'लिव इन रिलेशन' हमारे समय का सच है। सेम जेंडर के दो लोगों के एक साथ सार्वजनिक रूप से जीवन बिताने का निर्णय लेने वालों का समय है यह। अभी तक यह सब अनैतिक माना जाता था। तमाम असहमतियों के बावजूद अब इसके लिए समाज में जगह बनने लगी है। हमारे समय का यह यथार्थ है। आदित्य हमारे समय के प्रतिभाशाली रचनाकार हैं। उन्होंने अपनी कहानी 'लेटरबॉक्स' में सुकृति और राशि के मनोभावों को खुबसूरती से व्यक्त किया है। आइए आज पहली बार पर हम पढ़ते हैं युवा कहानीकार आदित्य की कहानी 'लेटरबॉक्स'। 'लेटरबॉक्स' आदित्य 'मैं उन सभी औरतों की स्मृतियों का कुल जमा हूँ जिन्होंने प्यार किया और पीड़ाएं झेल...