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श्वेतांक सिंह की कविताएं

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  श्वेतांक सिंह यह प्रकृति तमाम किस्म की विविधताओं से गुंजायमान है। यहां छोटे के लिए भी उतना ही सम्मान है जितना बड़े के लिए । कहा जा सकता है कि प्रकृति समानता का बर्ताव करती है। लेकिन प्रकृति की सर्वोत्कृष्ट रचना मनुष्य के लिए यह बता नहीं की जा सकती। किसी भी व्यक्ति के लिए अहंकार से मुक्त हो पाना कठिन होता है। मनुष्य को अहंकाररहित बनाने में साहित्य और संस्कृति की भूमिका विशिष्ट होती है। कवि प्रकृति की तरह ही सूक्ष्म को उसका वैशिष्ट्य प्रदान करता है। वैसे किसी भी कवि के लिए छोटी कविताएं लिखना एक चुनौती की तरह होती हैं। विषय की समग्रता को कुछ पंक्तियों में समेटना वाकई हुनर का ही काम है। छोटी कविताएं अक्सर जेहन में बस जाती हैं। श्वेतांक सिंह ऐसे कवि हैं जिन्हें छोटी कविताएं लिखने में महारत हासिल है। कल  श्वेतांक सिंह का जन्मदिन था। श्वेतांक को विलंबित बधाई देते हुए आज हम पहली बार पर प्रस्तुत कर रहे हैं उनकी कुछ नई  कविताएं। तो आइए आज पहली बार पर हम पढ़ते हैं कवि  श्वेतांक सिंह की कविताएं। श्वेतांक सिंह की कविताएं मेरे दोस्त! मेरे दोस्त! मेरे पास  कोई...