कमल जीत चौधरी का आलेख पाँच पढ़ी औरत का बी. ए. पास कवि : सुरेश सेन निशांत
सुरेश सेन निशांत सुरेश सेन निशांत का नाम आते ही एक ऐसे कवि की तस्वीर हमारे जेहन में उतरती है जो साफगोई से कविता में अपनी बातें रख देता है। निशांत कविता लिखते ही नहीं उसे जीते थे। इसीलिए समवेदनात्मक स्तर पर वे कविता से गहन रूप से जुड़ जाते थे। वे लोक के ऐसे कवि थे जो विद्रूपताओं को उदघाटित करने से नहीं हिचकते थे। युवा कवि कमलजीत चौधरी ने निशांत के कविताओं की एक निष्पक्ष पड़ताल की है। यह पड़ताल इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है कि निशांत उनके प्रिय कवि हैं। और प्रिय कवि पर तटस्थता के साथ लिखने को बेहतर तरीके से निभाया है कमल जीत ने। तो आइए आज पहली बार पर पढ़ते हैं कमल जीत चौधरी का आलेख 'पाँच पढ़ी औरत का बी. ए. पास कवि : सुरेश सेन निशांत'। पाँच पढ़ी औरत का बी. ए. पास कवि : सुरेश सेन निशांत कमल जीत चौधरी निशांत जी से मैं कभी नहीं मिला फिर भी बहुत मिला। उन्हें पहली बार शायद 2007 में वागर्थ के एक पुराने अंक में पढ़ा था। इस पाठ के बाद उनका नाम याद रहा। उसके बाद जहाँ भी उनकी कविताएँ मिलीं , ज़रूर पढ़ीं। इस बीच 2013 में राज्यवर्द्धन द्वारा संपादि...