विजय गौड़ का आलेख 'विवरण, घटना, विन्यास के विक्षेपण और कहानी के अन्त के संयोग'
दूधनाथ सिंह साठोत्तरी हिन्दी कहानी आन्दोलन के प्रमुख स्तम्भ दूधनाथ सिंह का विगत 12 जनवरी 2018 को इलाहाबाद में निधन हो गया। आज उनका जन्मदिन है। जन्मदिन पर उनको नमन करते हुए आज पहली बार पर प्रस्तुत है युवा कवि कथाकार विजय गौड़ का आलेख “ विवरण , घटना , विन्यास के विक्षेपण और कहानी के अन्त के संयोग ” । विजय गौड़ इन दिनों आलोचना के क्षेत्र में भी सार्थक हस्तक्षेप कर रहे हैं। तो आइए पढ़ते हैं विजय गौड़ का यह आलेख। विवरण , घटना , विन्यास के विक्षेपण और कहानी के अन्त के संयोग विजय गौड़ वे कहानियाँ जिनमें अवांतर कथाएँ गुच्छे की तरह होती हैं , पाठक को गहरे उतरने के लिए मजबूर तो करती हैं , कथा के विन्यास में बहाये भी ले जाती हैं। अनथक चेष्टा और लगाव के साथ पाठक उनमें बहता चला जाता है , बशर्ते अन्तरधारा में मूल कथा गूंजती रहे। मूल कथा की पदचापों से भरी ऐसी कहानियाँ ही सही रूप में आधुनिक कहानी हो सकती है , वरना ‘ लम्बी कहानी ’, ‘ गहरे पानी पैठ ’ या अन्य किसी संज्ञा से पुकारे जाने के बाद भी अवांतर कथाओं से बन जाने...