आंचलिक लोकगीत: एक विश्लेषण
अगर किसी भी जगह की खुशबू महसूस करनी हो तो वहाँ के लोकगीतों को जानने की कोशिश करिए । इसमें आपको एक साथ वहाँ की तमाम खुशबू मिल जायेगी । आज के समय में टेलीविजन, वीडियो और मोबाईल संस्कृति ने हमारे लोकगीतों को काफी क्षति पहुँचायी है । ऐसे में लोकगीतों को सुरक्षित-संरक्षित करने के यत्न जोर-शोर से किए जा रहे हैं । नीलिमा पाण्डेय और नलिन रंजन सिंह के सम्पादन में अभी-अभी लोकगीतों से सम्बंधित अत्यंत महत्वपूर्ण किताब आई है । इस किताब की हमारे लिए एक समीक्षा लिखी है इलाहाबाद के मशहूर युवा फोटोग्राफर कमल किशोर 'कमल' ने । तो आईये पढ़ते हैं यह समीक्षा । कमल किशोर ‘ कमल ’ ...