नववर्ष पर जर्मन भाषा के कवियों की चुनिन्दा कवितायेँ



नव वर्ष पर जर्मन भाषा के कुछ कवियों की चुनिन्दा कविताएँ प्रतिभा उपाध्याय ने अनुवाद कर पहली बार के लिए उपलब्ध कराया था लेकिन कुछ व्यक्तिगत एवं तकनीकी दिक्कतों के चलते मैं इसे नव वर्ष के आरम्भ में नहीं लगा पाया था. लेकिन हमारे यहाँ तो पूरे जनवरी नव वर्ष की बधाईयाँ देने का चलन रहा है. इसी क्रम में इन कविताओं को हम पहली बार पर प्रस्तुत कर रहे हैं . तो आ इ ए पढ़ते हैं  जर्मन भाषा के कुछ कवियों की चुनिन्दा कविताएँ. जिनका खूबसूरत अनुवाद किया है प्रतिभा उपाध्याय ने .


नववर्ष पर जर्मन भाषा के कवियों की चुनिन्दा कविताएँ 

अनुवाद : प्रतिभा उपाध्याय


नववर्ष की शुभकामनाएं
पेटर रोज़ेग्ग (Peter Rosegger)
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थोड़ी अधिक शान्ति और कम विवाद
थोड़ी अधिक दयालुता और कम द्वेष
थोड़ा अधिक प्यार और कम घृणा
थोड़ी अधिक सच्चाई हो – तो कुछ हो!

इतनी अधिक बेचैनी के बजाय थोड़ा चैन
हमेशा केवल ‘मैं’ के बजाय थोड़ा अधिक ‘तुम’
भय और लाचारी के बजाय थोड़ा सा साहस
और कार्य करने की शक्ति हो- तो अच्छा हो!
यातना और अँधेरे में थोड़ा सा अधिक प्रकाश
कोई प्रबल चाह नहीं, थोड़ा सा त्याग
और ढेर सारे फूल –जितनी देर तक हो सके, खिलें
केवल कब्र में नहीं, क्योंकि वहां वे बहुत देर से खिल रहे हैंI

हृदय की शांति ही ध्येय हो I
इससे बेहतर मुझे पता नहीं II
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नया साल

योहान वोल्फगांग फॉन गोएथे (Johann Wolfgang von Goethe)


नए साल में नई जिम्मेदारियां 

नई सुबह करती है आह्वान नए काम करने के लिए 

सतत कामना करता हूँ मैं एक सुखद कार्य, 

और हिम्मत और ताकत की, काम करने के लिए दिन और रात।


“नववर्ष गीत”
लुडविग आइशरोट (Ludwig Eichrodt)

बीत गया पुराना साल
शुभकामनाएँ देता हूँ नए साल के लिए
जो बीते साल नहीं मिला 
वह सब मिले तुम्हें नए साल मेंI

गिलास पूरा पकड़ता हूँ
सोख लेता हूँ उसे मैं और प्रार्थना करता हूँ
हर किसी के लिए उस सब की कामना करता हूँ मैं
जिसको वह स्वयं चाहता हैI

तुम लोगों के लिए वह सब चाहता हूँ मैं
जो देता है तुम्हें संतोष, और पसंद है तुम्हें
और यह भी कि तुम्हारी इच्छा से
न टकराए मेरी कोई इच्छा.

इस तरह प्रवेश करें हम नए साल में
विश्वासपूर्ण हौसले के साथ
और जो कुछ भी बीते साल में नहीं हुआ
पूरा हो वह नए साल मेंII

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 (इस पोस्ट में प्रयुक्त पेंटिंग वरिष्ठ कवि विजेंद्र जी की हैं.)

टिप्पणियाँ

  1. सिर्फ़ तीन कविताएँ। बड़ी विपन्न है जर्मन कविता।

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    1. इसका जवाब प्रतिभा उपाध्याय या उज्ज्वल भट्टाचार्य जी ही दे सकते हैं. तभी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. वैसे मुझे लगता है कि नव वर्ष पर जर्मन कवियों ने भी पर्याप्त कविताएँ लिखीं होंगी. प्रतिभा जी की नजर में जो आयीं उन्होंने उसका अनुवाद कर हमें उपलब्ध कराया. वैसे एक जिज्ञासा है कि रूसी कवियों की इस मामले में क्या स्थिति है.

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