सुनील कुमार शर्मा की बाल कविताएं

सुनील कुमार शर्मा आमतौर पर बच्चों की कविताएं जितनी सहज दिखती हैं उतनी होती नहीं। बच्चों के लिए कविताएं लिखना सामान्यतया आसान नहीं होता। इसके लिए जरूरत होती है ऐसे कथ्य की जो बच्चों के मन को भा जाए। इसके लिए जरूरत होती है ऐसे शिल्प की जो मस्तिष्क पर टंकित हो जाए। और बच्चों के मन मस्तिष्क को समझ पाना उतना आसान कहां होता है। लेकिन कवि जो कल्पना में रवि तक पहुंच जाते हैं यह कठिन काम भी अपने हुनर से आसान बना डालते हैं। सुनील कुमार शर्मा एक जाने पहचाने कवि तो हैं ही, उन्होंने कुछ बाल कविताएं भी लिखी हैं। ये सहज तो हैं ही, इनका शिल्प भी बेहतरीन है। आइए आज पहली बार पर हम पढ़ते हैं सुनील कुमार शर्मा की बाल कविताएं। सुनील कुमार शर्मा की बाल कविताएं अगर मैं जादूगर होता तो अगर मैं जादूगर होता तो बादल रंगों से भर देता छड़ी घुमा कर एक मिनट में सूरज को ठंडा कर देता नदी उड़ाता आसमान में बर्फ़ गिराता मैं रेतों पर बारिश करवा देता कुल्फी चॉकलेट की भी खेतों पर डांस करा देता पेड़ों से फूलों से मैं गीत सुनात...